Friday, November 19, 2021

Happy birthday

 होठों पर मुस्कान रहे और जीवन में खुशहाली हो।

महके महके फूल खिलें हर ओर तेरे हरियाली हो।
जन्म दिवस की ढेर बधाई अन्तस् की गहराई से,
होली सा हर दिन हो तेरा हर रात तेरी दीवाली हो।१

बड़े बैलून ब्ल्यू रंग के हवा में फोड़कर आए।
जनम दिन की मुबारकबाद भी दिल खोलकर लाए।
कभी मिलना तुम्हें भी हम कसम से पार्टी देंगें,
अकेले  याद  में  तेरी  समोसे  तोड़कर  आए।।२

तुम्हारी याद न आई हो ऐसा कौन सा दिन था,
तुम्हारी याद लेकिन आज मुझे भरपूर आई है।
ख़ुशी का पल सजा आलम तमन्ना न अधूरी हो,
जनमदिन की मुबारक़बाद बधाई हो बधाई है।।३

सदा खुशियों की दुनिया मे तुम्हारा बसेरा हो।
सुहानी हो शाम महकता हर एक सवेरा हो।
जन्मदिवस कुछ इस तरह मुबारक हो सुमित,
बनो चमन के फूल तुम्हें खुशबुओं ने घेरा हो।।४

मन शांत रहे हिमगिरि जैसा।
तन महके तेरा सन्दल सा।
यश कीर्ति बढ़े अम्बर जैसी,
हो निर्मलता गंगा जल जैसा।।५

सितारों से भरा आंगन महकती रात देनी है।
चमन के फूल तुम मेरे तुम्हे सौगात देनी है।
तुम्हारे व्यस्त जीवन से कुछ पल सुमित दे दो,
जनम दिन की तुम्हें प्यारे मुबारकबाद देनी है।।६

चमकता चांद सा चेहरा हँसी से फूल खिल जाए।
तेरी गहरी सी आंखों से समंदर खुद लजा जाए।
केश  तेरे  घने  काले  घटा  के  रूप  लगते  हैं,
सुरीला कंठ कोयल सा गज़ल बोली से बन जाए।।७

आना  मुबारक़ हो  तुझे जाना  मुबारक़ हो।
प्यार का  हर  एक अफ़साना  मुबारक़ हो।
तोहफ़े  में  तुम्हें  देने  तुम्हारे गीत  लाया हूँ,
जनमदिन पर तुझे मेरा नज़राना मुबारक़ हो।।८

Friday, March 5, 2021

शायद

 हां मैं इसी क़ाबिल हूं, 

शायद

मैं अब उपालम्भ के ही लायक हूं

मैं स्वार्थ की परिभाषा नहीं जान सका

व्यर्थ और अर्थ की भाषा नहीं जान सका

मैं बस अपना ही सोचता हूं, पता नहीं

पर तुमने कहा है तो सच ही होगा

सच ही होगा कि मैं बहुत गलतियां करता हूं

सो अच्छा किया जो तुमने किया

अच्छा ही कहा जो तुमने कहा

Thursday, February 4, 2021

लो तुमने कर ली मुझसे बात

 लो तुमने कर ली मुझसे बात

मन सरोज बेमौसम खिल गया महक उठे जज़्बात

जो तुमने कर ली मुझसे बात

हां तुमने कर ली मुझसे बात


एक प्रतीक्षा में दिन बीते कल परसों और बरसों

प्रेम के घन घिर फिर छाए है फिर से मेघा बरसो

स्वप्न तुम्हारे नयन हमारे देख रहे दिन रात

लो तुमने कर ली मुझसे बात


प्रीत गगन में चंचल चंदा चलता चला अकेला

एकाकी मन में यादों का पुनि पुनि लगता मेला

शहद संलिप्तित बोल तुम्हारे दे गए नयी सौगात

लो तुमने कर ली मुझसे बात


याद तुम्हें भी तो कुछ होंगी भूली बिसरी यादें

अधरों पर आकर रुक जाती होंगी मन की बातें

न कहकर भी कह देते हो हूं 'सुमित''तुम्हारे साथ

लो तुमने कर ली मुझसे बात


गंध तुम्हारे तन की संग संग पवन बहाकर लाई

तेज तुम्हारे रूप से लेकर भोर किरण मुस्काई

फूल खिले उपवन मुस्काए कोयल छेड़े राग

लो तुमने कर ली मुझसे बात


Thursday, November 19, 2020

जनम दिवस की मंगलकामनाएं


शुभकामनाएं जन्मदिन की

देनें की आरजू है

सपनों में तुम्हे खोजने की

अपनी ज़ुस्तज़ू है

ये दिन मेरे लिए खास है

मुझे जिंदगी का एहसास है

वो दूर है नजरों से भले ही

मगर दिल के बहुत पास है

आजके दिन मेरी जिंदगी की 

खुशियों ने जन्म लिया है

So thank you GOD

कितने गीत लिखूं मैं तुमपर

कितने शेर सुनाऊं मैं

जनम दिवस की आज बधाई

तुम तक यूं पहुँचाऊँ मैं

मिले अमरता स्वर्ग के जैसी

जीवन में खुशहाली हो

होली सा हर दिन हो तेरा

रात तेरी दीवाली हो

महकी कली बनो उपवन की

माली बनकर आऊं मैं

जनम दिवस की आज बधाई

तुम तक यूं पहुँचाऊँ मैं

खुले गगन में पंख पसारो 

उड़कर नभ तक जाओ तुम

हर एक सफलता कदम चूम ले

जो चाहो वो पाओ तुम

डग में रख दो पग तुम अपने

राहों में बिछ जाऊं मैं

जनम दिवस की आज बधाई

तुम तक यूं पहुँचाऊँ मैं

चंचल चितवन रूप तुम्हारा

परी लोक की रानी हो

पागल मन ये पूछ रहा है

तुम किसकी दीवानी हो

आंखों में हो रूप तुम्हारा

फिर चाहे मर जाऊं मैं

जनम दिवस की आज बधाई

तुम तक यूं पहुंचाऊं मैं

होठों पर मुस्कान रहे और जीवन में खुशहाली हो।
महके महके फूल खिलें हर ओर तेरे हरियाली हो।
जन्म दिवस की ढेर बधाई अन्तस् की गहराई से,
होली सा हर दिन हो तेरा हर रात तेरी दीवाली हो।१

बड़े बैलून ब्ल्यू रंग के हवा में फोड़कर आए।
जनम दिन की मुबारकबाद भी दिल खोलकर लाए।
कभी मिलना तुम्हें भी हम कसम से पार्टी देंगें,
अकेले  याद  में  तेरी  समोसे  तोड़कर  आए।।२

तुम्हारी याद न आई हो ऐसा कौन सा दिन था,
तुम्हारी याद लेकिन आज मुझे भरपूर आई है।
ख़ुशी का पल सजा आलम तमन्ना न अधूरी हो,
जनमदिन की मुबारक़बाद बधाई हो बधाई है।।३

सदा खुशियों की दुनिया मे तुम्हारा बसेरा हो।
सुहानी हो शाम महकता हर एक सवेरा हो।
जन्मदिवस कुछ इस तरह मुबारक हो सुमित,
बनो चमन के फूल तुम्हें खुशबुओं ने घेरा हो।।४

मन शांत रहे हिमगिरि जैसा।
तन महके तेरा सन्दल सा।
यश कीर्ति बढ़े अम्बर जैसी,
हो निर्मलता गंगा जल जैसा।।५

सितारों से भरा आंगन महकती रात देनी है।
चमन के फूल तुम मेरे तुम्हे सौगात देनी है।
तुम्हारे व्यस्त जीवन से कुछ पल सुमित दे दो,
जनम दिन की तुम्हें प्यारे मुबारकबाद देनी है।।६

चमकता चांद सा चेहरा हँसी से फूल खिल जाए।
तेरी गहरी सी आंखों से समंदर खुद लजा जाए।
केश  तेरे  घने  काले  घटा  के  रूप  लगते  हैं,
सुरीला कंठ कोयल सा गज़ल बोली से बन जाए।।७

आना  मुबारक़ हो  तुझे जाना  मुबारक़ हो।
प्यार का  हर  एक अफ़साना  मुबारक़ हो।
तोहफ़े  में  तुम्हें  देने  तुम्हारे गीत  लाया हूँ,
जनमदिन पर तुझे मेरा नज़राना मुबारक़ हो।।८

खुशयों का खज़ाना हो,होठों पे तराना हो।
साथी तू जहां जाए, क़दमों में जमाना हो।।

सब रिश्ते सुन्दर हों, कभी दूर न अपने हों।
जो तुमने  कभी देखे, पूरे  हर  सपनें  हों ।।

हर शाम सुहानी हो, परियों की कहानी हो।
गम  दूर  रहें तुमसे, हँसती जिन्दगानी हो।।

बहकी  पुरवाई हो, ख़ुशबू  संग लाई हो ।
तू कदम जहां रख दे,महकी अंगनाई हो।।

चमके से सितारे हो, हर आँख के तारे हो।
दुनिया भी  मानेगी, तुम  जग से न्यारे हो।।

हर रात दिवाली हो, पूजा की थाली हो ।
होंठों से कही तेरी, हर बात निराली हो ।।

फूलों में बसेरा हो,कलियों का घनेरा हो।
सूरज की किरन के संग, दूर अँधेरा हो।।

पल पल में मस्ती हो,तेरी पलकें हँसतीं हो।
हर खुशियां बसें जाकर,जहां तेरी बस्ती हो।।

रंगीन  नज़ारा  हो, उल्फत  का सहारा हो।
चाहत के  बगीचे में, हर फूल  तुम्हारा हो।।

गुलज़ार गुलिस्तां हो,तेरे मन में सरसता हो।
अमृत से भरा बादल,छा करके बरसता हो।।

सुन्दर  से  नज़ारे हों, मौसम  में बहारें हों ।
मैं  गाऊं  जितने भी, हर गीत  तुम्हारे हों।।

Thursday, August 27, 2020

बस आपके लिए

 बस आपकेलिए

इस तरह हम वफ़ाएं निभा जाएंगें,
तुम कभी भी बुलाओ चले आएंगें।
ज़िन्दगी में तुम्हारी ख़ुशी के लिए ,
जो भी करना पड़े कर गुज़र जाएंगें।।

तेरी  चाहत में  हद  से गुजर  जाएंगें ,
देखना तुम कभी हम भी याद आएंगें।
आईने में कभी खुद को देखोगी जब,
तेरी  सूरत  में भी  हम  नज़र आएंगें।।

छोड़कर तेरे दर को किधर जाएंगें,
तुम जो ऐसे करोगे तो मर  जाएंगें।
मेरा तुझपर है  साथी भरोसा बहुत,
देख लो तुम पलट कर सँवर जाएंगें।।

देखो अरमां संजोकरके हम लाएं हैं,
तेरी यादों  को  रोकरके हम गायें हैं।
यूं न  रूठो चलो  मान जाओ प्रिय ,
हम  तुम्हीं को  मनाने चले आयें हैं।।

तेरी चाहत के बादल सनम छायें हैं,
मेरी आँखों से आंसू निकल आयें हैं।
तुम जो चाहो मैं कर दूँ समर्पित तुम्हें,
गीत  जितने  तुम्हारे  लिए  गायें  हैं।।

होंठ ख़ामोश मन से नजऱ कह गई,
नदी कुछ तो ठहरती लहर  बह गई ।
जीत  कि हार हो, सब गंवारा किया,
जान कब  की गई ज़िन्दगी रह गई ।।

देखो जोरों से चलती हवा कुछ कहे,
किससे मिलने को इतनी आतुर बहे।
आसमां में ये उड़ते जो बादल चलें ,
तुम सुनों, तुमसे  मेरी  कहानी कहें।।
 

खुशयों का खज़ाना हो,होठों पे तराना हो।
साथी तू जहां जाए, क़दमों में जमाना हो।।

सब रिश्ते सुन्दर हों, कभी दूर न अपने हों।
जो तुमने  कभी देखे, पूरे  हर  सपनें  हों ।।

हर शाम सुहानी हो, परियों की कहानी हो।
गम  दूर  रहें तुमसे, हँसती जिन्दगानी हो।।

बहकी  पुरवाई हो, ख़ुशबू  संग लाई हो ।
तू कदम जहां रख दे,महकी अंगनाई हो।।

चमके से सितारे हो, हर आँख के तारे हो।
दुनिया भी  मानेगी, तुम  जग से न्यारे हो।।

हर रात दिवाली हो, पूजा की थाली हो ।
होंठों से कही तेरी, हर बात निराली हो ।।

फूलों में बसेरा हो,कलियों का घनेरा हो।
सूरज की किरन के संग, दूर अँधेरा हो।।

पल पल में मस्ती हो,तेरी पलकें हँसतीं हो।
हर खुशियां बसें जाकर,जहां तेरी बस्ती हो।।

रंगीन  नज़ारा  हो, उल्फत  का सहारा हो।
चाहत के  बगीचे में, हर फूल  तुम्हारा हो।।

गुलज़ार गुलिस्तां हो,तेरे मन में सरसता हो।
अमृत से भरा बादल,छा करके बरसता हो।।

सुन्दर  से  नज़ारे हों, मौसम  में बहारें हों ।
मैं  गाऊं  जितने भी, हर गीत  तुम्हारे 

तुम मुझसे पूछते हो मोहब्बत में कोई नाम दिया था उसने
हां मुझको याद है मुझे इक बार सेल्फ़िश कहा था उसने
मोहब्बत के रस्मोरिवाज को शायद मैं जानता नहीं था मगर
मैं बीमार था सुमित घर जाकर आराम करो, कहा था उसने

कभी तुम मिलो मुझसे टॉम रैमजे की कहानी सुनाऊंगा तुम्हे,
दाँत से कूची कलम काटकर फेका कलावा दिखाऊंगा तुम्हें
तुम तुम मेरी ज़िन्दगी में तो नहीं मगर मेरी जिंदगी तुम ही हो
ज़िन्दगी ज़िन्दगी तुझसे वादा है ज़िन्दगी भर निभाऊंगा तुम्हें

झुकती पलकों के सवालों का जवाब कैसे दूं
ज़िगर से रूह में उतरी मोहब्बत का हिसाब कैसे दूं
बेला चमेली गुलाब इन तमाम फूलों की रंगत है वो
उसे तोहफे में 'सुमित' अब अकेला गुलाब कैसे दूं

दिल की धड़कन आंखों का नूर हुआ करते थे
उसका गुरूर मोहब्बत का सरूर हुआ करते थे
वो मुझे गुस्से में पत्थर कह गया होगा सुमित
उसके लिए तो हम कोहिनूर हुआ करते थे

थोड़ा साहस, इतना कह दो
तुम प्रेम-लोक की रानी हो
जीवन के मौन रहस्यों की
तुम सुलझी हुई कहानी हो।

तुममें लय होने को उत्सुक
अभिलाषा उर में ठहरी है
बोलो ना, मेरे गायन की
तुममें ही तो स्वर-लहरी है।

होंठों पर हो मुस्कान तनिक
नयनों में कुछ-कुछ पानी हो
फिर धीरे से इतना कह दो
तुम मेरी ही दीवानी हो।

इधर को आया उधर गया वो
कहां को जाना किधर गया वो
कभी मोहब्बत कभी शायरी
मुझे लगा कि सुधर गया वो
उधर तुम्हे कुछ ख़बर नहीं है
इधर तुम्हीं पर मर गया वो
सही में हमदर्द अगर हो मेरे
उधर चलो तुम जिधर गया वो
तुम्हारी चाहत में टूटकर तो
बिखरना था पर निखर गया वो

कैसी भी कठिन परीक्षा हो निज साहस को मत खोना तुम
नरवसता के हीन विचारों से किंचित भयभीत न होना तुम
पथ कठिन जरा है तो क्या?तुम लक्ष्य भेदने निकले हो
संकल्प की मिट्टी में हर क्षण विश्वास के दाने बोना तुम

कई वादे कई कसमें कई रस्मों को तोड़ा है
नई मंजिल की चाहत में कई राहों को मोड़ा है
उठो थोड़ा सज़ग होकर तुम्हे आगे को जाना है
इसी खातिर सुमित तुमने भरा परिवार छोड़ा है

तेरा वो रूप प्यारा सा भुलाऊं तो भला कैसे
तेरे कुछ गीत हैं तुझको सुनाऊं तो भला कैसे
सुमित यादें जगाती हैं तेरी अब रातभर मुझको
तुझे सपनों की दुनियां में बुलाऊं तो भला कैसे

तेरी यादों के सहारे एक ज़माने से जिन्दा हूं
आज भी बस तेरी मोहब्बत का नुमाइंदा हूं
लगता है तुम्हें मेरी जरूरत सी हुई है सुमित
मगर मैं दूर हूं तुमसे इस बात से शर्मिन्दा हूं

अभी तुमसे हमे बस ये बात कहना है
अहसास में हर पल तुम्हारे पास रहना है
चलो वक़्त तुम्हारा इम्तहान लेने वाला है
हमें दुआ रब से सांस दर सांस करना है।

और अंत में
चली गयी हो रुठ के जबसे दिल कितना एकाकी है
जान तो कबकी चली गई है सांस का जाना बाकी है

Saturday, February 29, 2020

चले आओ चले आओ, सुस्वागतम


कर्तव्य पथ की तुमने हर जिम्मेदारी पूरी की
बधाई हो तुम्हें।

लक्ष्य की ओर बढ़ने का तनाव
असमय रातों में जगना
जागती उनींदी आँखें
और फिर परिणाम की घबराहट के साथ
महीनों की मेहनत भरे आशा के बीज
लो आज पूर्ण रूप से रोप दिए तुमने
रोप दिए तुमने अपनी मेहनत के मोती
अब सफलता के पौधों को उगना ही पड़ेगा
महीनों की अधूरी नींद होगी
उत्साह में विश्राम होगा
तो करो विश्राम हम लोरी सुनाते हैं
वहाँ तुम सुनो यहाँ हम गुनगुनाते हैं
यहां भी बिन तेरे कुछ रास न आता
चले आओ तुम्हे हम सब बुलाते हैं
बुलाता है तुम्हे मौसम सुहाना तुम इसे कर दो
उजड़ता जा रहा गुलशन फूलों से इसे भर दो
हवा भी चाहती है अब महकना गंध से तेरे
डगर बेताब है कितनी कदम अब चूम लेने को
तुम्हारे बिन परिंदे भी चहकना भूल बैठे हैं
भोर की किरण व्याकुल है झलक इक देख लेने को
चले आओ कि तुमको फ़ाग संग होली बुलाती है
तुम्हारा गांव वो बचपन की टोली बुलाती है
आम के बौर बाग़ की कोयल बुलाती है
मम्मा की ममता अम्मा की लोरी बुलाती है
बुलाते हैं पुराने पल पुराना द्वार का दीपक
बुलाता है तुम्हें आंगन गांव की मिट्टी बुलाती है
तुम्हारे नाम लिखकर जिसे हम दे नहीं पाए
सजोया है जिसे वर्षों वो चिट्ठी बुलाती है
रुआँसा कण्ठ ये मेरा बुलाती हैं भरी आँखें
चले आओ कि तुमको सदाए बुलाती हैं
गुज़ारिश चांदनी करती तुम्हे तारे बुलाते हैं
वफ़ाएँ बुलाती हैं तुम्हे दुआएं बुलाती हैं
चले आओ चले आओ वास्ता है तुम्हें रब का
वास्ता है तुम्हें रब का चले आओ चले आओ
चले आओ चले आओ कि प्रतीक्षा में खड़े हैं हम
चले आओ चले आओ कि स्वागत में बिछे हैं हम
चले आओ चले आओ चले आओ चले आओ
सुस्वागतम सुस्वागतम सुस्वागतम सुस्वागतम
वन्दनम वन्दनम वन्दनम वन्दनम
अभिनन्दनम अभिनन्दनम अभिनन्दनम अभिनन्दनम।
तुम्हारा
सुमित

Tuesday, February 18, 2020

Best of luck


चलो अब मैं करूँ कुछ यूं तुम्हारी याद में खोकर
वही मंगल पुराने दिन हंसी जज्बात में खोकर
तरक्की की तरफ़ तेरा कदम तुझको फले फूले
सुमित मैं पास आ जाऊं तेरे अहसास में खोकर

परीक्षा के प्रथम दिन की हृदयतल से बधाई है
तेरी खातिर जुबां पर फिर वही अरदास आयी है
हुआ भी क्या अगर आंखें हुई मेरी सुमित गीली
दुआ दिल में जो बैठी थी छलक आंखों से आयी है

काश मैं तुम्हारे आने से पहले वहां खड़ा रहता
तुम्हारे निकलने पर भी मैं बस वहीं खड़ा मिलता
काश ऐसे ही चला करता बराबर समय का पहिया
पहले सबेरे खड़ा रहता था अब दोपहर को खड़ा रहता

तड़प तब भी थी तुम्हारे लिए
तड़प अब भी है तुम्हारी लिए
फर्क बस इतना है सुमित,
पहले तुम्हारे लिए कुछ कर गुजरने की तड़प थी
आज तुम्हारे लिए कुछ न कर पाने की तड़प है

Sunday, February 16, 2020

Best of luck.....


कैसी भी कठिन परीक्षा हो निज साहस को मत खोना तुम
नरवसता के हीन विचारों से किंचित भयभीत न होना तुम
पथ कठिन जरा है तो क्या?तुम लक्ष्य भेदने निकले हो
संकल्प की मिट्टी में हर क्षण विश्वास के दाने बोना तुम

कई वादे कई कसमें कई रस्मों को तोड़ा है
नई मंजिल की चाहत में कई राहों को मोड़ा है
उठो थोड़ा सज़ग होकर तुम्हे आगे को जाना है
इसी खातिर सुमित तुमने भरा परिवार छोड़ा है

तेरा वो रूप प्यारा सा भुलाऊं तो भला कैसे
तेरे कुछ गीत हैं तुझको सुनाऊं तो भला कैसे
सुमित यादें जगाती हैं तेरी अब रातभर मुझको
तुझे सपनों की दुनियां में बुलाऊं तो भला कैसे

तेरी यादों के सहारे एक ज़माने से जिन्दा हूं
आज भी बस तेरी मोहब्बत का नुमाइंदा हूं
लगता है तुम्हें मेरी जरूरत सी हुई है सुमित
मगर मैं दूर हूं तुमसे इस बात से शर्मिन्दा हूं

अभी तुमसे हमे बस ये बात कहना है
अहसास में हर पल तुम्हारे पास रहना है
चलो वक़्त तुम्हारा इम्तहान लेने वाला है
हमें दुआ रब से सांस दर सांस करते रहना है।


Friday, February 7, 2020

Rose day special

झुकती पलकों के सवालों का जवाब कैसे दूं
ज़िगर से रूह में उतरी मोहब्बत का हिसाब कैसे दूं
बेला चमेली गुलाब इन तमाम फूलों की रंगत है वो
उसे तोहफे में 'सुमित' अब अकेला गुलाब कैसे दूं

Saturday, January 4, 2020

Happy new year 2

नए वर्ष का आगमन हो गया है, आपको नववर्ष की हृदय से अनन्त शुभकामनाएं, जीवन की हर परीक्षा में ईश्वर आपको सफल करें। आपका जीवन सदैव फूल की तरह महकता और मुस्कुराता रहे।आपको नववर्ष की बधाई अपनी एक पुरानी कविता के माध्यम से समर्पित करता हूँ जिसे आपके लिए मैंने पिछले वर्ष लिखी थी।और यह मुझे भी अति प्रिय है।
पुनः नववर्ष मंगलमय हो।

नित प्रेरणा का संगम और हर्ष दे तुम्हें।l
जग में अनेक खुशियाँ नव वर्ष दे तुम्हें।।

सूरज की चमक संग संग चन्दा का रूप हो,
तारों से सजा आंगन अम्बर स्वरूप हो,
हो चांदनी का साया न गम की धूप हो,
अनुकृति रहे असम्भव अनुपम अनूप हो,
मान संग प्रसिद्धि उत्कर्ष दे तुम्हें।
जग में अनेक खुशियां नव वर्ष दे तुम्हें।

चितवन में बाँकपन और चेहरा ग़ुलाब हो,
फूलों को लजाता हुआ यौवन शबाब हो,
होंठों की हंसी तेरी नित लाज़वाब हो,
हो शायरी मेरी तुम शायर का ख़्वाब हो,
तन मन में दे मधुरता प्रहर्ष दे तुम्हें।
जग में अनेक खुशियां नव वर्ष दे तुम्हें।।

Sunday, December 29, 2019

Happy new year part 1

Best wishes
नव वर्ष आपके जीवन में सफलता,सुख, समृद्धि और आनन्द का सूचक हो।

दिवस माह सब बीत गए ये साल भी जाने वाला है।
बदलाव की नूतन गंगा में फिर समय नहाने वाला है।
परिवर्तन की इस नौका में बैठो खुद ही पतवार बनो,
तुम जिधर चलोगे उधर चलेगा साल जो आने वाला है।
नव वर्ष मंगलमय हो।
Best of luck
Happy new year .
Love you..

Sunday, December 15, 2019

सिलसिले तेरी मोहब्बत के


बिछड़ने वाले तेरी मोहब्बत के सिलसिले भी अजीब हैं
तसवीर सीने से लगाता हूं कभी तेरे दस्तख़त चूम लेता हूँ।

वो बदल गया है भरोसा इस बात पर भला मैं कैसे करलूं
तसवीर में वही भोलापन साइन का स्टाइल भी पुराना है।

मत फैलाओ ये अफवाह वो नाराज़ है मुझसे
पिछले दफ़ा मिली थी तो मुस्कुराके मिली थी।
                                          sumit patel...

Sunday, December 1, 2019

Happy birthday जन्मदिन है तेरा प्यारे मुबारकबाद देनी है।


अपार हर्ष हो रहा है आज पोस्ट करते हुए। माफी चाहता हूं थोड़ा देर से कर पाया क्योंकि काफी दिनों से रोज लिख रहा था पर पूरा नहीं कर पा रहा था। विगत मास में आपका जन्मदिवस था और मेरे पास उपहार देने के लिए मेरी भावनाओं के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।
Happy birthday dear
सुमित

होठों पर मुस्कान रहे और जीवन में खुशहाली हो।
महके महके फूल खिलें हर ओर तेरे हरियाली हो।
जन्म दिवस की ढेर बधाई अन्तस् की गहराई से,
होली सा हर दिन हो तेरा हर रात तेरी दीवाली हो।१

बड़े बैलून ब्ल्यू रंग के हवा में फोड़कर आए।
जनम दिन की मुबारकबाद भी दिल खोलकर लाए।
कभी मिलना तुम्हें भी हम कसम से पार्टी देंगें,
अकेले  याद  में  तेरी  समोसे  तोड़कर  आए।।२

तुम्हारी याद न आई हो ऐसा कौन सा दिन था,
तुम्हारी याद लेकिन आज मुझे भरपूर आई है।
ख़ुशी का पल सजा आलम तमन्ना न अधूरी हो,
जनमदिन की मुबारक़बाद बधाई हो बधाई है।।३

सदा खुशियों की दुनिया मे तुम्हारा बसेरा हो।
सुहानी हो शाम महकता हर एक सवेरा हो।
जन्मदिवस कुछ इस तरह मुबारक हो सुमित,
बनो चमन के फूल तुम्हें खुशबुओं ने घेरा हो।।४

मन शांत रहे हिमगिरि जैसा।
तन महके तेरा सन्दल सा।
यश कीर्ति बढ़े अम्बर जैसी,
हो निर्मलता गंगा जल जैसा।।५

सितारों से भरा आंगन महकती रात देनी है।
चमन के फूल तुम मेरे तुम्हे सौगात देनी है।
तुम्हारे व्यस्त जीवन से कुछ पल सुमित दे दो,
जनम दिन की तुम्हें प्यारे मुबारकबाद देनी है।।६

चमकता चांद सा चेहरा हँसी से फूल खिल जाए।
तेरी गहरी सी आंखों से समंदर खुद लजा जाए।
केश  तेरे  घने  काले  घटा  के  रूप  लगते  हैं,
सुरीला कंठ कोयल सा गज़ल बोली से बन जाए।।७

आना  मुबारक़ हो  तुझे जाना  मुबारक़ हो।
प्यार का  हर  एक अफ़साना  मुबारक़ हो।
तोहफ़े  में  तुम्हें  देने  तुम्हारे गीत  लाया हूँ,
जनमदिन पर तुझे मेरा नज़राना मुबारक़ हो।।८

खुशयों का खज़ाना हो,होठों पे तराना हो।
साथी तू जहां जाए, क़दमों में जमाना हो।।

सब रिश्ते सुन्दर हों, कभी दूर न अपने हों।
जो तुमने  कभी देखे, पूरे  हर  सपनें  हों ।।

हर शाम सुहानी हो, परियों की कहानी हो।
गम  दूर  रहें तुमसे, हँसती जिन्दगानी हो।।

बहकी  पुरवाई हो, ख़ुशबू  संग लाई हो ।
तू कदम जहां रख दे,महकी अंगनाई हो।।

चमके से सितारे हो, हर आँख के तारे हो।
दुनिया भी  मानेगी, तुम  जग से न्यारे हो।।

हर रात दिवाली हो, पूजा की थाली हो ।
होंठों से कही तेरी, हर बात निराली हो ।।

फूलों में बसेरा हो,कलियों का घनेरा हो।
सूरज की किरन के संग, दूर अँधेरा हो।।

पल पल में मस्ती हो,तेरी पलकें हँसतीं हो।
हर खुशियां बसें जाकर,जहां तेरी बस्ती हो।।

रंगीन  नज़ारा  हो, उल्फत  का सहारा हो।
चाहत के  बगीचे में, हर फूल  तुम्हारा हो।।

गुलज़ार गुलिस्तां हो,तेरे मन में सरसता हो।
अमृत से भरा बादल,छा करके बरसता हो।।

सुन्दर  से  नज़ारे हों, मौसम  में बहारें हों ।
मैं  गाऊं  जितने भी, हर गीत  तुम्हारे हों।।


Saturday, October 26, 2019

Happy Diwali , एक गुमनाम चिट्ठी तुम्हारे नाम।


Happy diwali
प्रकाश के पर्व दीपावली की आपको हार्दिक शुभकामनाएं। आज के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे। सभी अयोध्या वासियों ने घी के दिये जलाकर उनका स्वागत किया था। आज भी जो लोग घर से दूर रहते हैं आज के दिन घर लौट आते हैं। लेकिन आप शायद इसबार नहीं आने वाले हैं, कोई बात नहीं कुछ जरूरी काम होते जिन्हें करना आवश्यक होता है। हम दीपों से आपके नाम की रंगोली बनाकर आपके लिए शुभकामना करेंगें, हो सके तो आप भी मेरे नाम के पहले अक्षर का एक दीप माला बनाने का प्रयास करना,ये न हो सके तो चुपके से एक दीपक मेरा नाम लेकर जलाकर अपने से करीब कहीं रख देना।  सम्भवतः मैं आपकी आदतों से पहले से परिचित हूं, आजकल आप कुछ परेशान से होगे काम का बोझ होगा सफ़ल होने की अनेक चुनौती होगी। पर आप घबराना नहीं, हौसला बुलन्द रखना जीत बस आपकी ही होगी। अक्सर इस महीने में आपको जुक़ाम हो जाया करता था थोड़ी सावधानी रखिएगा।क्योंकि यदि स्वास्थ्य खराब हो तब लक्ष्य की ओर बढ़ने में अनेक अड़चनें आती हैं।सुबह सुबह रोज योगा करने का प्रयास करना ताकि मस्तिष्क स्वस्थ रहे, उदास होने पर मेरी कविताएं पढ़ लिया करना,केवल आपकेलिए ही लिखा है इन्हें। और मैं कर भी क्या सकता हूँ आपके लिए, एक बात और पिछली बार नाराज़ होकर आपने मिठाई भी नहीं खिलाई थी, इस बार ऐसा मत करना। इकट्ठे दोनों बार की उम्मीद में हूं तोड़ मत देना। काश ये चिट्ठी आज ही आपको मिल जाती तो बहुत अच्छा होता अन्यथा जब कभी भी आप इसे पढ़ोगी ये चिट्ठी सार्थक हो ही जाएगी। एक बार फिर से हैप्पी दीवाली, I love you, I miss you, लो हिम्मत करके लिख दी मैने चिट्ठी आपके नाम की बिना आपका नाम लिखे हुए।
                                                     आपका
                                                   सुमित पटेल


Monday, October 7, 2019

भले बाद मुद्दत मग़र बिछड़े मिलते हैं जरूर।


वक़्त तो हर वक़्त हमारा इम्तहान लेता है
हम भी चलो वक़्त का इम्तहान लेकर देखते हैं
बीते हुए लम्हों ने वादा किया था साथ देने का
उन लम्हों को ज़हन में फिर दोहराकर देखते हैं
उसकी तस्वीर क्यों हमेशा धुंधली नज़र आती है
चलो एक बार आँख से पानी पोंछकर देखते हैं
आदतें उसकी अपनाकर उसे मनाने की तमन्ना है
कागज़ पर शेर कुछ उल्टे हाथ से लिखकर देखते हैं
कड़ककर चमकती बिजली के दिल में पीर है कोई
पहले तुम चौंकते थे आज हम चौंककर देखते हैं
गंवारा है नहीं जिसे अपने होंठों पर हमारा नाम तक लाना
हम उसी की याद में जीना गंवारा करके देखते हैं
वो ग़ुलाब की पंखुड़ी सी नाज़ुक तितली सी चंचल है
यूं ही नहीं हम रोज उसे ख्वाब में डूबकर देखते हैं
भले बाद मुद्दत मगर बिछड़े मिलते हैं जरूर 
सुमित कयामत तक उसका इंतज़ार करके देखते हैं।

Saturday, October 5, 2019

मैं तुम्हारे प्रेम को जीता हूँ really



बात इश्क़ की करनी है मोहब्बत और प्यार की करनी है प्रेम के सच्चे स्वरूप को देखना है समझना है मात्र देखना समझना ही नहीं प्रेम को जीना है। किसी के प्रेम में जीना नहीं है वरन किसी के प्रेम को जीना है। क्योंकि किसी के प्रेम में जीना तब तक ही सम्भव है जब तक वह भी तुम्हें प्रेम करे तुम्हारे साथ रहे। परन्तु किसी के प्रेम को जीना सदैव सम्भव है चाहे वह तुम्हें प्रेम करे या न करे तुम्हारे पास हो या दूर कोई फ़र्क नहीं पड़ता। हां एक बात जरूर है किसी के प्रेम में जीने की अपेक्षा किसी के प्रेम को जीना जरा कठिन है। क्योंकि किसी के प्रेम में जीना तो आत्ममुग्धता है किसी के द्वारा स्वयं के लिए किए गए सद्व्यवहार के प्रति भावनात्मक अभिव्यक्ति है कि अमुक व्यक्ति मेरा बड़ा खयाल रखता है वह तो बस मेरे लिए ही बना है आदि आदि। परन्तु प्रेम को जीना ज़रा अलग है दूसरे के प्रति अपने हृदय में प्रेम का बीज बोना प्रेम का वृक्ष लगाना परन्तु अपने लिए कोई भी कामना न करना प्रेम को जीना कहलाता है। सुबह से शाम तक अपने प्रियतम का शुभ सोचना बिना किसी अपेक्षा के प्रियतम की खुशी में अति प्रसन्न होना प्रेम में जीने के लक्षण हैं। इस बात का कभी ध्यान ही नहीं आता कि प्रियतम मेरे लिए क्या कर रहे हैं अपितु मैं प्रियतम के लिए क्या क्या करूँ कैसे उनका और अधिक शुभ कर सकूं पूरी तन्मयता से यही विचार चलते रहते हैं। प्रियतम का शुभ करने की चेष्टा जैसे जैसे बढ़ती जाती है वैसे वैसे हम असहाय होते चले जाते हैं। क्योंकि एक बन्दा जिसे हम बहुत प्यार करते हैं जिसे दुनिया की सारी खुशियां देने की आरजू पाल रखी है और वास्तव में हम उसे कुछ दे नहीं पाते क्योंकि कुछ भी करो प्रेम में कम ही रहता है।और जब मुझे इसका ज्ञान हुआ तब मैंने स्वंय को बड़ा विवश पाया मेरा अहंकार मेरे प्रेम की विवशता के सामने चकनाचूर हो गया ।
हो भी क्यों प्रेमपात्र(जिससे व्यक्ति प्रेम करता है ) के साथ व्यक्ति बिल्कुल असहाय हो जाता है। यही प्रेम की पीड़ा है कि हमें पता ही नहीं चलता कि हम क्या कर सकते हैं हम सबकुछ करना चाहेंगें अपनी प्रेमिका को पूरा ब्रम्हांड देना चाहेंगे! लेकिन हम कर क्या सकते हैं?  मैं भी तुम्हारे प्रेम में असहाय और असमर्थ हो गया हूँ मैं तुम्हारे लिए कुछ कर सकता हूँ या मैंने तुम्हारे लिए कुछ किया है मेरा ये गुमान टूट गया है इस गुमान और अहंकार के टूटने के बाद मेरे पास मात्र तुम्हारा प्रेम बचा है सुद्ध प्रेम अमर प्रेम। अतः मैं स्वयं को तुम्हे समर्पित करके तुम्हारे प्रेम को जीता हूं। तुम्हारे स्वरूप में खो जाता हूँ, तुम्हें अनवरत प्रेम करता हूँ ।
Happy navratri
I love you
I miss you
                                                        Your
                                              Patel sumit(pappu)

Friday, August 23, 2019

Happy janmashtami


मेेरे सांवरे तुझे गोकुल के सांवरे श्याम सुंदर श्री कृष्ण के जन्म दिवस की हार्दिक बधाई व दिल से ढेर सारी शुभकामनाएं।
Please accept it
              तुम्हारा
              Sumit

Thursday, August 22, 2019

जिंदगी का मक़सद ही तुम्हें प्यार करना है


अब ज़िन्दगी का मक़सद तुम्हें प्यार करना है
तुम्हारी याद में जीना है
तुमसे कोई भी शिकायत नहीं करना है
बस तुम्हारी याद में जीना है
तुम छोड़के गए कोई मज़बूरी रही होगी
तुम्हारी हर मज़बूरी का साथ निभाना है
तुम्हें मैं बहुत चाहता हूं हद से ज्यादा
तुम्हें चाहते ही जाना है
तुम्हारी याद में पल पल खोना मुझे अच्छा लगा
बस यही बात मुझे तुमको बताना है
तुम कोई भी कैसा भी फैसला लो
तुम्हारे हर फ़ैसले को सिर माथे लगाना है
तुम बहुत आगे जाना चाहती हो
कसम से तुम्हें बहुत आगे ले जाना है
तुम कोई भी अफ़सोस न करना मुझे लेकर
जो मेरी किस्मत में है मुझे वही मिलना है
तुम्हें मुझसे ज्यादा गैरों पर भरोसा है
मुझे तुम्हारे भरोसे का सम्मान करना है
माफ़ करना मग़र ये भी जरूरी है
तुम्हारे इश्क में मुझे कुछ झूठ बोलना है
मेरी दुनिया मे आग लगाने वाले बहुत खुश हैं
तुम मुझसे रूठी नहीं हो उनसे बस यही कहना है
तुम मुझसे रूठी हो तो जब तक चाहो रूठी रहना
मग़र तुम मुझसे नाराज़ नहीं हो दुनिया को यही बताना है
तुम्हारे लिए मैं कुछ भी न कर सका
बस इसी बात पर जिंदगी भर मुझे पछताना है
तुम्हें मैंने इंसान कम ख़ुदा ज्यादा माना है
तुम सुनो तुम्हे बस यही बताना है
तुम्हारे पांव की मिट्टी मांगी तो तुम्हें गलत लगा
माफ़ी चाहता हूं अभी भी उसे ही माथे लगाना है
आख़िरी बात है कि तुम्हारा पता ढूंढता हूं मैं सुमित
तुम बुरा न मानना मुझे तुमसे मिलने आना है
तुम मिल न सको कोई बात नहीं पर सुनो मेरी
तुम्हारे रस्ते पर तुम्हें देखने आना है।
तुम्हारे कदम छुए और छूने की तमन्ना अभी भी
तुम क़दम छूने देना मुझे तुमसे यही मांगना है।
मैंने सुना है तुम्हें मेरे नाम से भी चिढ़ है
मुझे वही चिढ़ अपनी आंखों से तुम्हारी आँखों मे देखना है।

Wednesday, August 14, 2019

रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।


आप जहाँ भी हैं मेरी ओर से आपको रक्षाबंधन व आज़ादी की हार्दिक शुभकामनाएं। हर दिन आपका मंगलकारी हो। आप सदा नई  नई बुलंदियों को प्राप्त करें । हर पल आपका स्मरणीय व रोमांचक हो।
                                                                 आपका
                                                                 sumit

Sunday, August 4, 2019

तुम्हारी यादें


आज यूं ही अचानक तुम्हारी यादों के संग
एक अज़ब हलचल उठी है मन मे,
दिल के एक कोने में कोई अपरचित सा डर फिर
अभी इतनी खुशी कि शायद तुमने भी मुझे याद किया है।
तुम्हारी यादों में खोकर अक़्सर मैं ख़ुद को खोने से बचा लेता हूं
तुम्हारी यादों से गुफ्तगू करता हूँ कुछ अपने भी किस्से सुना देता हूं
तन्हाई में तुम्हारी यादें गुनगुनाती हैं दिल में मेला कर जाती हैं
भरे मेले में तुम्हारी यादें कभी कभी निपट अकेला कर जाती हैं
सुनो तुम तुम्हें तुम्हारी यादों के चंद किस्से सुनाने वाला हूं
तुम्हारी तरह ये भी बड़ी प्यारी हैं
बड़ी मासूम हैं बिल्कुल तुम्हारे जैसी
मेरे हर अहसास में सांस सांस में रवां होती रहती हैं तुम्हारी यादें
मुस्कुराती हैं कभी बिल्कुल तुम्हारी तरह खिलखिलाकर हँस देती हैं तुम्हारी यादें
मैंने कई बार आँख मिलाकर देखा है ये भी उतनी ही गहरी हैं जितनी गहरी हैं तुम्हारी आँखें
इनके भी अहसास का मिठास बिल्कुल वैसा ही है जैसे मिश्री और शहद में लिपटी रहती हैं तुम्हारी बातें
एक हाथ चेहरे पे रखकर कभी कभी कुछ सोचने लग जाती हैं
लिखते लिखते दांतों से दबाकर कलम को छेड़ने लग जाती हैं
तुम्हारी यादें अक्सर मेरी उलझनों को सुलझा जाती हैं
खुद भी मुस्कराती हैं मेरे दिल को भी हसाँ जाती हैं
सावन की फुहारें जैसी तुम्हारी यादें वीरान मन को हरा भरा कर देती हैं
हाँ तुम्हारी यादें तुम्हारी आहट बनकर मेरे साथ हमेशा रहती हैं
तुम्हारी यादें मेरे जीवन की अमूल्य पूँजी हैं
तुम्हारी यादें मेरी खुशियों की कुँजी हैं
कैसे खोऊँ इन्हें तुम्हारी यादें मेरी धरोहर हैं
तुम्हारी यादें अक्सर कोई न कोई कमाल करती हैं
मेरी मोहब्बत की इबादत को मालामाल करती हैं
कोई क्या कभी समझे कि कितनी खास हैं ये
तुम्हारी अनुपस्थिति में तुम्हारा अहसास हैं ये
यादें बताती हैं तुम्हारी आँखों मे मेरा वो डूब जाना
तुम्हारे कदमों की मिट्टी को उठा माथे से लगा लेना
याद है अब भी तेरे कदमो को बहाने से स्पर्श कर लेना
तेरी मुस्काती आँखों में तेरे मन के भाव पढ़ लेना
तुम्हारी यादों ने बताया है मोहब्बत नाम है तेरा
झुकाकर सर खड़े हैं हम इबादत काम है मेरा
इसी ने तो सिखाया है तुम्हारे बिन मुझे जीना
हृदय से आंख में आये हुए अश्कों को मुझे पीना
तुम्हारी याद में मैंने टूटा कलावा जोड़ रक्खा है
तुम्हारी याद से ही रिश्ता हृदय का जोड़ रक्खा है
तुम्हारी याद के किस्से कभी भी खत्म न होंगें
रहेंगें तब भी ये जिंदा जिंदा जब हम नहीं होंगें
तेरे पलकों के मसकारे तेरी आँखों की गहराई
ग़ुलाबी होंठ वो तेरे तेरे जलवों की अंगड़ाई
चमकता चाँद सा चेहरा केशों की घटा छाई
सोने का बदन तेरा उतर नभ से परी आई
हंसी तेरी महकती सुबह का फ़ूल लगती है
रुबाई सी तेरी बातें हृदय को छूने लगती हैं
कहो कैसे तुम्हारी यादों से अब दूर जाऊंगा
इजाजत मांगता हूं अब इन्हें दिल में बसाऊंगा
इन्हीं के संग रहने दो इन्हें अपना बनाऊंगा
करूँगा शायरी इन पर इन्हें कविता बनाऊंगा।
I miss you😢😢
SUMIT