Thursday, January 31, 2019

नित प्रेरणा का संगम और हर्ष दे तुम्हे।

                         Sumit patel

                 
नित प्रेरणा का संगम और हर्ष दे तुम्हें।l
जग में अनेक खुशियाँ नव वर्ष दे तुम्हें।।

सूरज की चमक संग संग चन्दा का रूप हो,
तारों से सजा आंगन अम्बर स्वरूप हो,
हो चांदनी का साया न गम की धूप हो,
अनुकृति रहे असम्भव अनुपम अनूप हो,
मान संग प्रसिद्धि उत्कर्ष दे तुम्हें।
जग में अनेक खुशियां नव वर्ष दे तुम्हें।

चितवन में बाँकपन और चेहरा ग़ुलाब हो,
फूलों को लजाता हुआ यौवन शबाब हो,
होंठों की हंसी तेरी नित लाज़वाब हो,
हो शायरी मेरी तुम शायर का ख़्वाब हो,
तन मन में दे मधुरता प्रहर्ष दे तुम्हें।
जग में अनेक खुशियां नव वर्ष दे तुम्हें।।

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